घर पर रसभरी (ग्राउंड चेरी) का पौधा बीज से कैसे उगाएं, जानें टिप्स – How To Grow Rasbhari (Ground Cherries) From Seed In Hindi

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रसभरी (केप गूसबेरी), चेरी टमाटर की तरह दिखने वाला एक छोटे आकार का फल है, जिसका रंग पीला और नारंगी होता है। इस फल का स्वाद खट्टा-मीठा होता है। यह एक ऐसा फल है जो आम तौर पर बाजार में दिखाई नहीं देता है। लेकिन यह फल स्वादिष्ट होने के साथ ही हमारी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। यदि आप अपने घर के गार्डन में कुछ नया उगाने की सोच रहे हैं, तो आप आसानी से उगने वाले इस पौधे (ग्राउंड चेरी) को उगा सकते हैं। रसभरी फल के कई सारे फायदे होते हैं और इस फल को कई तरह से उपयोग किया जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको केप गूसबेरी, ग्राउंड चेरी, गोल्डन बेरी और अन्य नामों वाले इस रसभरी के पौधे को घर पर कैसे लगाएं, इस फल का पौधा बीज से कैसे उगाएं, और इसे उगाने के सही समय के बारे में बतायेंगे।

ग्राउंड चेरी का पौधा लगाने के लिए जरूरी चीजें – Supplies Needed To Grow Ground Cherry Plant In Hindi

इस फल को अंग्रेजी में गोल्डन बेरी (Golden Berry), फिजलिस पेरुवियाना (Physalis Peruviana), केप गूसबेरी (Cape Gooseberry), इन्का बेरी (Inca Berry) और हिंदी में रसभरी के नाम से जाना जाता है। घर पर ग्राउंड चेरी (केप गूसबेरी) फल का पौधा उगाने के लिए आपको निम्न चीजों की जरूरत पड़ेगी:

  • गमला या ग्रो बैग (Pot Or Grow Bags)
  • मिट्टी (Soil)
  • रसभरी (ग्राउंड चेरी) फल के बीज (Ground Cherry Seeds)
  • गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट
  • पानी डालने के लिए वाटरिंग कैन या स्प्रे बोतल

ग्राउंड चेरी उगाने से जुड़ी कुछ जरूरी बातें – Growing Ground Cherry (Golden Berries) Plants In Hindi

घर पर रसभरी या ग्राउंड चेरी का पौधा उगाने से पहले आपको निम्न बातों की जानकारी होना जरूरी है, जैसे:

ग्राउंड चेरी (रसभरी) के बीज कब लगाएं – When To Plant Ground Cherry Seeds In Hindi

शुरूआती वसंत (Early Spring) यानि फरवरी के महीने में आप रसभरी के बीजों को घर के अंदर अंकुरित कर सकते हैं और तैयार पौध (Seedling) को मार्च के महीने में बाहर ट्रांसप्लांट कर सकते हैं। आप वसंत (मार्च) या गर्मी के महीनों में (अप्रैल-जून) रसभरी के बीजों को सीधे गमले या बाहर गार्डन में भी लगा सकते हैं। रसभरी (ग्राउंड चेरी) फल के बीजों को अंकुरित होने के लिए उचित तापमान (Optimum Temperature) 24-30°C (75-85°F) होता है।

रसभरी का पौधा लगाने के लिए गमले का साइज – Pot Size To Grow Rasbhari (Ground Cherry) In Hindi

यह पौधा 1.5 से 3 फीट लम्बाई तक बढ़ता है और लगभग 2 फीट चौड़ी जगह को घेरता है। इसकी जड़ों को फैलने के लिए कम से कम 9-10 इंच गहरा गमला जरूर होना चाहिए। रसभरी (ग्राउंड चेरी) के पौधे को उगाने के लिए निम्न साइज के गमले या ग्रो बैग बेस्ट होते हैं:

  • 12×12 इंच (चौड़ाई x ऊंचाई)– इस ग्रो बैग में आप रसभरी का 1 पौधा उगा सकते हैं।
  • 15×12 इंच – 1 से 2 पौधे
  • 15×15 इंच – 1 से 2 पौधे
  • 18×15 इंच – 2 पौधे
  • 24×15 इंच – 3 पौधे
  • इस पौधे के लिए 36x24x12 इंच (लम्बाई x चौड़ाई x ऊंचाई) या उससे बड़ी साइज के रेक्टेंगल ग्रो बैग ज्यादा बेहतर होते हैं, क्योंकि उनमें 3-4 या उससे ज्यादा रसभरी के पौधे एक साथ उगा सकते हैं।

रसभरी का पौधा कितने दिन में फल देता है – When To Harvest Rasbhari (golden berries) In Hindi

सीडलिंग को ट्रांसप्लांट करने के लगभग 90 से 120 दिन बाद रसभरी पौधे में फल लगने लगते हैं। अलग-अलग वैरायटी के लिए हार्वेस्टिंग का समय कुछ दिन कम या ज्यादा हो सकता है।

गमले में रसभरी (ग्राउंड चेरी) फल उगाने का सही तरीका – Grow Ground Cherries (Physalis Peruviana) Seeds In Pot In Hindi

घर पर गमले या ग्रो बैग में रसभरी (केप गूसबेरी) का पौधा उगाने की टिप्स:

मिट्टी तैयार करें – Prepare Soil To Plant Ground Cherry Seeds In Hindi

रसभरी फल (गोल्डन बेरी) के बीजों को अच्छी उपजाऊ और भुरभुरी (Well Draining Soil) मिट्टी में लगाया जाता है। ऐसी मिट्टी बनाने के लिए सबसे पहले नजदीकी गार्डन या खेत से मिट्टी उठाकर ले आयें। फिर इसके बाद मिट्टी को धूप वाली जगह पर रख कर उसमें पानी डालें। 2 दिन बाद जब मिट्टी नरम हो जाए और सूख जाए तब मिट्टी, कोकोपीट और गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट खाद को बराबर मात्रा में मिलाएं। आप कोकोपीट की जगह रेत का उपयोग भी कर सकते हैं। अब रसभरी फल के बीजों को लगाने के लिए मिट्टी तैयार है।

गमले या ग्रो बैग में मिट्टी भरें – Fill Pot To Grow Cape Gooseberry (Physalis) Seeds In Hindi

जिस भी गमले, ग्रो बैग या सीड ट्रे में बीजों को लगाना है, उसमें तैयार की गयी मिट्टी या सीड स्टार्टिंग मिक्स को भर लें। ग्रो बैग को ऊपर से 2 इंच खाली रखें। मिट्टी में अच्छी तरह पानी डालें और इस मिट्टी में 1 दिन के बाद बीजों को लगायें। ऐसा करने से ग्रो बैग में मिट्टी अच्छे से बैठ जाती है और जब बीज को लगाया जाता है तो वह पानी डालने पर नीचे गहराई में नहीं जाता है।

मिट्टी में रसभरी के बीज लगाएं – Sowing Ground Cherry Seeds In Soil In Hindi

रसभरी के बीजों को सीडलिंग तैयार करके भी उगाया जाता है और सीधे ही गमले या गार्डन में भी लगाया जाता है। आइये जानते हैं मिट्टी में रसभरी या ग्राउंड चेरी के बीज लगाने का सही तरीका:

1. रसभरी के बीजों को मिट्टी की सतह पर रखें। गमले या गार्डन की मिट्टी में बीज लगाते समय 2 बीजों के बीच कम से कम 2 इंच (5cm) की दूरी रखें।

2. बीजों के ऊपर कम्पोस्ट या मिट्टी का छिड़काव करें। बीज के ऊपर कम्पोस्ट की 1 सेंटीमीटर मोटी परत (Layer) बिछा सकते हैं।

3. स्प्रयेर की मदद से मिट्टी के ऊपर पानी का छिड़काव करें।

4. अब गमले को गर्म और रोशनी वाली जगह पर रखें, जैसे खिड़की या बालकनी, जहाँ थोड़ी धूप आती हो।

5. अच्छे से देखभाल करने पर बीज 15 से 20 दिन में अंकुरित हो जाते हैं। कई बार बीज अंकुरित होने में 1 महीने का समय भी लग सकता है।

6. यदि बीज सीडलिंग ट्रे में लगाए हैं, तो जब पौधा 6 इंच लम्बा हो जाये, तब उसे बड़े गमले या गार्डन में गहराई में ट्रांसप्लांट कर दें। टमाटर की तरह इस पौधे के तने से भी जड़ें निकलती हैं, इसीलिए इसे गहराई में रोपने (Planting) की सलाह दी जाती है।

7. पौध (Seedling) को ट्रांसप्लांट करने के बाद 1 हप्ते तक पौधे को केवल सुबह की 2 से 3 घंटे की धूप दिखाएँ।

8. 1 हप्ते के बाद पौधे को ऐसी जगह रख दें जहाँ रोजाना 6 से 7 घंटे की धूप आती हो। पौधा, बड़ा हो जाए तब उसे लकड़ी से सहारा (staking) दें।

रसभरी के लिए सबसे अच्छा उर्वरक – Fertilizing Ground Cherry Plant In Hindi

ग्राउंड चेरी (रसभरी) के पौधे को ज्यादा खाद या उर्वरक की जरूरत नहीं होती है। केवल फूल आते समय और फल बनते समय बायो NPK, प्लांट ग्रोथ प्रमोटर और फिश इमल्शन फर्टिलाइजर, डाल सकते हैं।

रसभरी या ग्राउंड चेरी में कीटों का नियंत्रण – Ground Cherry Pest And Diseases Control In Hindi

इस रसभरी के पौधे में ज्यादातर कोई कीट या रोग नहीं लगते हैं लेकिन कभी-कभी फली बीटल (Flee Beetle), एफिड्स (Aphids) और सफेद मक्खी (Whiteflies) हमला कर सकती हैं। नीम तेल का छिड़काव करके इन कीटों से पौधे को बचा सकते हैं।

रसभरी फल की कटाई – Harvesting Ground Cherries Fruits In Hindi

सीडलिंग ट्रांसप्लांट करने के लगभग 90-120 दिन बाद पौधे में फल लगने लगते हैं। इस पौधे में फल लगने का मौसम (Fruiting Season) लास्ट गर्मी से पतझड़ (जुलाई से नवंबर) तक रहता है। जब फल के ऊपर का छिलका सूखने लग जाये तब फल की हार्वेस्टिंग कर लेनी चाहिए। पौधे की मिट्टी के चारो ओर पुआल बिछा सकते हैं, इससे जो फल अपने आप गिरता है वो मिट्टी के सम्पर्क में आकर खराब होने से बच जाता है। इस फल को खाने में, सलाद या चटनी बनाने में और पिज्जा बनाते समय उसकी डेकोरेशन करने में उपयोग कर सकते हैं।

इस आर्टिकल में आपने जाना कि घर पर गमले में रसभरी या ग्राउंड चेरी का पौधा बीज से कैसे लगाएं? इसे कैसे उगाते हैं? और रसभरी लगाने का सबसे अच्छा समय क्या है। ग्राउंड चेरी (केप गूसबेरी) का पौधा उगाने से जुड़ा अगर आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो, तो आप उसे कमेन्ट बॉक्स में जरूर लिखें। अगर यह लेख आपके काम आया हो, तो इसे अपने गार्डनिंग करने वाले दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

 

Bhumika

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