Saturday, June 15, 2024
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बस्तर में जैविक खेती से किसानों की बदल रही किस्मत, 9 साल में 80 से 26 हजार हेक्टेयर हुआ खेती का रकबा

Bastar News Today: छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बस्तर में किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने की पहल साल 2015 में शुरू की गई, यह पहल अब कारगर साबित हो रही है. जिले के किसान जैविक खेती के लिए लगातार आगे आ रहे हैं. जिले में जैविक खेती का रकबा बढ़कर 26 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है.

उम्मीद की जा रही है कि इस साल खरीफ सीजन में पहली बार जिले में करीब 22 हजार किसान जैविक तरीके से खेती करेंगे. इससे अगले साल तक जिले में जैविक खेती का रकबा करीब 30 हजार हेक्टेयर तक पहुंच जाएगा.

जैविक खेती में किसान दिखा रहे रूचि

खास बात यह है कि नक्सल प्रभावित दरभा ब्लॉक के ही करीब 12 हजार किसान जैविक खेती कर रहे हैं. अन्य ब्लॉकों में भी किसानों को प्रोत्साहित कर जैविक खेती करने के लिए कहा जा रहा है. हालिया दिनों में किसान जैविक खेती करने के लिए बढ़चढ़कर रुचि दिखा रहे हैं.

जैविक खेती के लिए 2015 से दी जा रही ट्रेनिंग

देश के अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ के बस्तर में भी उद्यानिकी विभाग और कृषि विभाग के द्वारा किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. साल 2015 से ही जैविक खेती को लेकर किसानों को ट्रेनिंग दी जा रही थी. अब आलम यह है कि जिले में करीब 26 हजार हेक्टेयर में हजारों किसानों के द्वारा जैविक खेती की जा रही है.

बस्तर के कलेक्टर विजय दयाराम का कहना है कि बस्तर जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए की जा रही कोशिश काफी सफल साबित हो रही है. दरभा ब्लॉक को जैविक ब्लॉक घोषित कर दिया गया है. बड़ी संख्या में बस्तानार ब्लॉक के किसान रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद का उपयोग कर फायदा ले रहे हैं.

30 हजार हेक्टेयर में जैविक खेती का लक्ष्य

इन दोनों ब्लॉक में इस समय 12 हजार से ज्यादा किसान करीब 15 हजार हेक्टेयर रकबे में खेती कर रहे हैं, यह रकबा आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है. जैविक खेती को बढ़ावा देने के तहत जैविक मिशन की शुरुआत साल 2015-16 से हुई थी. उस समय कृषि विभाग ने 80 हेक्टेयर में 200 किसान के माध्यम से इसकी शुरुआत की थी.

यह मिशन जिले में कामयाब हुआ और मौजूदा स्थिति में करीब 22 हजार किसान 26 हजार हेक्टेयर में जैविक खेती कर रहे हैं. जिला कलेक्टर के मुताबिक, अगले साल तक जिले में जैविक खेती का रकबा 30 हजार तक पहुंचाया जाएगा. साथ ही ज्यादा से ज्यादा किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

‘जैविक खेती हो रही है फायदेमंद साबित’

इसके लिए उद्यानिकी विभाग और कृषि विभाग ने एक तय लक्ष्य के तहत काम कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि कम लागत में जैविक खेती होती है, जिससे यह काफी फायदेमंद साबित हो रहा है और यही वजह है कि बस्तर जिले के साथ-साथ अन्य जिलों में भी जैविक खेती से उगाई जाने वाली सब्जियों और फसलों की डिमांड बढ़ रही है.

Bhumika

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